रांची में आकार लेंगे 5 और फ्लाईओवर…:सुगम होगा यातायात : हरमू रोड फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार, जनवरी से शुरू होगा काम, चार अन्य का भी बन रहा नक्शा

कांटाटोली, सिरम टोली और रातू रोड के बाद रांची में 5 और फ्लाईओवर निर्माण की दिशा में काम तेज हो गया है। रांची को जाम से मुक्ति के लिए सरकार का फोकस फ्लाईओवर पर है। हरमू रोड फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार हो गई है। इसकी निविदा की प्रक्रिया चल रही है। इसी महीने के अंत तक या अगस्त में इसकी निविदा निकाल दी जाएगी।

नए वर्ष 2026 में इसका काम शुरू हो सकता है। इसके अतिरिक्त चार अन्य फ्लाईओवर का डीपीआर भी तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जिस पर काम शुरू हो चुका है। संभवत तीन महीने में डीपीआर तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसकी स्वीकृति कैबिनेट से ली जाएगी। अच्छी उम्मीद यह है कि ये पांचों नए फ्लाईओवर बन जाने के बाद राजधानी रांची नए रूप में नजर आएगी।

हरमू रोड फ्लाईओवर की निविदा जल्द

पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा- हरमू रोड फ्लाईओवर निविदा की प्रकिया में है। चार अन्य फ्लाईओवर का डीपीआर बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। डीपीआर फाइनल होते ही इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगाा। मंजूरी मिलते ही आगे की कार्यवाही होगी।

1. हरमू रोड से जज कॉलोनी फ्लाईओवर

यह फ्लाईओवर कार्तिक उरांव चौक से एलपीएन शाहदेव चौक तक कुल 3 किमी लंबा होगा। एक ओर कार्तिक उरांव चौक से शुरू होगा और गौशाला तक जाएगा। सहजानंद चौक से रातू रोड जाने वाले इस फ्लाईओवर का उपयोग कर गौशाला के पास रैंप से उतर कर नीचे की सड़क से जा सकेंगे। दोनों ओर फ्लाईओवर की चौड़ाई 8.5-8.5 मीटर होगी।

फायदा : रातू रोड चौक, गाड़ीखाना चौक, शनि मंदिर चौक, पुरानी रांची चौक पर होने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। इस इलाके में लगभग 1.25 लाख लोग रहते हैं और मुख्य बाजार होने के कारण बाहर से भी लोग यहां खरीददारी करने आते हैं। हरमू रोड के दोनों ओर घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं। हर दिन हजारों लोगों को रोड क्रॉस करके एक से दूसरी आना-जाना पड़ता है, इसके कारण ये चौक जाम रहते हैं।

2. करमटोली से साइंस सिटी फ्लाईओवर

करमटोली चौक से मोरहाबादी होते हुए साइंस सिटी तक 2.2 किमी. लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। जिसके ऊपर और नीचे दोनों में सड़क की चौड़ाई 10-10 मीटर होगी। साइंस सिटी से आगे रिंग रोड तक फोर लेन सड़क बनेगी। जिसकी लंबाई पांच किलोमीटर से अधिक है। रामगढ़ की ओर जाने वाला ट्रैफिक लोड बंटेगा, आवागमन में सुविधा होगी।

फायदा : करम टोली से मोहराबादी, बोड़ेया होते हुए वाहन आसानी से रिंग रोड तक जा सकेंगे। हजारीबाग एवं पटना जाने वाले वाहन अगर रातू रोड एरिया से आते हैं तो वे सीधे इस फ्लाईओवर में चढ़कर रिंग रोड होते हुए हजारीबाग- पटना रोड में जा सकते हैं। इतना ही नहीं हजारीबाग -पटना रोड से आने वाले वाहन रिंग रोड से फोर लेन सड़क होते हुए फ्लाईओवर चढ़ कर करमटोली में उतर कर शहर में जा सकते हैं।

3. अरगोड़ा-चापूटोली फ्लाईओवर

अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ होते हुए चापूटोली तक 1.75 किमी. लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसकी चौड़ाई 10 मीटर रखी जाएगी। पहले से नीचे जा रही सड़क को भी सात मीटर चौड़ा किया जाएगा। इससे इस मार्ग पर दोहरी सुविधा मिलेगी। सड़क के दोनों ओर ड्रेनेज यूटिलिटी डक्ट रहेगा। नीचे की सड़क का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

फायदा : नए अरगोड़ा चौक से पुराने अरगोड़ा चौक, चापू टोली तक इस सड़क पर भारी लोड है। इसके कारण पुराना अरगोड़ा चौक से लेकर चापू टोली तक हमेशा जाम लगता है। इससे मुक्ति मिलेगी। इसके अतिरिक्त अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़, दलादली होते हुए रिंग रोड तक भारी एवं अन्य वाहन आसानी से आ-जा सकेंगे।

4. हिनू से जगन्नाथपुर तक फ्लाईओवर

हिनू ढलान पर नदी के बगल में होटल एमेराल्ड के पास गोलंबर तैयार किए जाने का प्रस्ताव है। उसी गोलंबर से नदी के किनारे-किनारे मेकॉन रोज गार्डन के बगल से डीपीएस के पीछे होते हुए जगन्नाथपुर मंदिर तक दोनों ओर वन वे सिंगल फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके लिए पेट्रोल पंप के पास रेलवे लाइन पर आरओबी (रेल ओवरब्रिज) भी बनाया जाएगा।

फायदा : एयरपोर्ट, हिनू, डोरंडा, मेकॉन से आने वाले वाहन सीधे डीपीएस होते हुए जगन्नाथ मंदिर, नया विधानसभा, हाईकोर्ट होते हुए नयासराय में उतर कर सीधे रिंग रोड पर चढ़ सकते हैं। रिंग रोड की तरफ से आने वाले वाहन नयासराय, डीपीएस होते हुए सीधे एयरपोर्ट और हिनू क्षेत्र में जा सकेंगे। अगर किसी को डोरंडा, ​िह​नू क्षेत्र से विधानसभा, हाईकोर्ट जाना है तो वह जाम में फंसे बिना आसानी से पहुंच सकते हैं।

5. हरमू मुक्तिधाम से कडरू फ्लाईओवर

कडरू और अशोक नगर को ट्रैफिक दबाव से मुक्त करने के लिए हरमू मुक्तिधाम से हरमू नदी के दोनों किनारों पर 2.2 किमी का एलिवेटेड अप-डाउन वन वे फ्लाईओवर बनेगा। नदी के किनारे पर पौधे लगाए जाएंगे, सौंदर्यीकरण होगा और रोशनी की व्यवस्था भी रहेगी। इसमें जमीन का बहुत कम अधिग्रहण करना पड़ेगा।

फायदा : हरमू रोड से आने-जाने वाले वाहन जिन्हें मेन रोड, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जाना है, वे हरमू मुक्ति धाम के पास से निर्मित होने वाले सिंगल फ्लाईओवर में चढ़कर आसानी से जा सकते हैं। यह फ्लाईओवर राजभवन की ओर से आने वाले फ्लाईओवर से भी कनेक्ट रहेगा। अभी हरमू रोड एवं रातू रोड से स्टेशन, सरकारी बस स्टैंड जाने वाले लोगों को सहजानंद चौक, कडरू होते हुए जाना पड़ता है।

Reference : https://www.bhaskar.com

रांची स्मार्ट सिटी के मॉडल को सराहा, तैयार होगा ब्लू प्रिंट

स्मार्ट सिटी मिशन के दस साल पूरे हुए |

स्मार्ट सिटी मिशन के दस वर्ष पूरे होने पर बुधवार को मिशन की दसवीं वर्षगांठ मनाई गई। इस मौके पर भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव तथा स्मार्ट सिटी मिशन की निदेशक रूपा मिश्रा ने सभी स्मार्ट शहरों के सीईओ और पदाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात की।

दस वर्ष पूरे होने पर उन्होंने बधाई दी और कहा कि मिशन ने देश के शहरीकरण में एक सकारात्मक बदलाव लाया और गति भी लाई है। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि ये गति आगे भी बरकरार रहे। उन्होंने कहा कि सभी 100 शहरों के विकास के लिए गठित एसपीवी आगे भी कार्य करेंगे और कोशिश होगी ​िक शहरीकरण की योजनाओं में आपकी विशेषज्ञता की मदद ली जाए।

रांची स्मार्ट सिटी की ओर से भी यहां हो रहे कार्यों की जानकारी केंद्र सरकार को दी गई। रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक तकनीकी राकेश कुमार नंदक्योलियार ने बताया कि हम एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे हैं। जिससे रांची शहर को एक नई दिशा मिली है। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट की योजना पर सरकार कार्य कर रही है।

स्मार्ट सिटी मिशन, भारत सरकार की निदेशक ने इस प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए कहा कि देश के दूसरे शहरों में भी ऐसी परियोजना विकसित की जानी चाहिए। इसके लिए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय अंतर्गत स्मार्ट सिटी मिशन एक ब्लू प्रिंट बनाएगा, जो रांची स्मार्ट सिटी की तर्ज पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि इस मॉडल से न केवल एक शहर का सुनियोजित विकास होगा, बल्कि वहां के नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलेंगी। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लैंड मॉनेटाइजेशन से संस्था खुद को स्वावलंबी भी बनाएगी।

पुरानी योजना को गति… नवी मुंबई में बनने वाले झारखंड भवन की लागत 22 करोड़ बढ़ी

नवी मुंबई के वासी में 159 करोड़ रुपए से 7 मंजिल झारखंड भवन बनेगा । इसके निर्माण में लेकर आयी बाधा अब दूर हो गई है। तीन साल में मार्च 2028 तक इसे बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2016 में तय हुआ था कि मुंबई में झारखंड के लोगों के लिए बेहतर आवासीय सुविधा के लिए एक अत्याधुनिक भवन बने।

वर्ष 2018 में महाराष्ट्र सरकार से वासी, नवी मुंबई में 2577 वर्ग मीटर जमीन मिला था। लेकिन उस पर भवन बना नहीं है। बीते दिसंबर 2024 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस भवन की आधारशिला रखी थी, लेकिन विभिन्न कारणों से इसकी शुरूआत नहीं हो सकी। 137 करोड़ रुपए का लागत तय हुआ था। उसमें कई तकनीकी अड़चनें आ गई थीं। उसमें मुंबई कॉस्ट इंडेक्स से दरों का समायोजन नहीं था और गैर अनुसूचित मद बाजार दर पर आधारित था। ऐसे कई अड़चनों को अब दूर कर लिया गया है। निर्माण के लागत को 22 करोड़ बढ़ाकर 159 करोड़ रुपए किया गया है। इसके लिए फिर से प्रशासनिक स्वीकृति का प्रस्ताव तैयार किया गया है। भवन निर्माण विभाग के नए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी है।

हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा झारखंड भवन

नवी मुंबई में बनने वाला झारखंड भवन 7 मंजिल का होगा। अबतक की स्वीकृति के अनुसार गुंबद और दीवारों पर सोहराई कला की पेंटिग्स रहेगी। सात मंजिला भवन में मुख्यमंत्री और राज्यपाल के लिए वीवीआईपी सुइट्स, वीआईपी डीलक्स कमरे, डीलक्स कमरे, प्रदर्शनी हाल, सेमिनार हाल, व्यायामशाला, डाइनिंग क्षेत्र होगा। इस झारखंड भवन में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ छत पर गार्डेन, वर्षा जल संचयन आदि की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही झारखंड भवन हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा।

सांस्कृतिक व सामुदायिक केंद्र भी होगा

झारखंड भवन बन जाने के बाद देश की राजधानी दिल्ली के बाद देश की वाणिज्यिक राजधानी मुंबई में भी झारखंड सरकार का झारखंड भवन होगा। दिल्ली में दो झारखंड भवन होगा। नवी मुंबई में बनने वाला यह झारखंड भवन सिर्फ एक आवासीय संरचना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामुदायिक केंद्र भी होगा, जहां झारखंड की पारंपरिक कला, आधुनिक सुविधाएं और प्रवासी हित एक साथ जुड़े होंगे। इसके अलावा झारखंड भवन में लोगों को राज्य के इतिहास की झलक भी देखने को मिलेगी।

राज्य के मरीजों को मिलेगा रियायती दर पर कमरा

तीन साल में होगा पूरा, इलाज कराने मुंबई जाने वालों को होगा लाभ

नवी मुंबई के वासी में बनने जा रहे इस भवन में झारखंड से मुंबई इलाज के लिए आने वाले मरीजों को रियायती दरों पर आवास उपलब्ध होगा। झारखंड के प्रवासी मजदूरों के रहने भी इसमें इंतजाम रहेंगे।

ब्रांबे आवास खाली करने का नोटिस निवासी बोले- नया बनाकर दे निगम

रांची नगर निगम ने चिरौंदी ब्रांबे आवास में रहने वाले लोगों को नोटिस जारी किया है। जारी नोटिस में कहा गया कि भारी बारिश के कारण जर्जर हो चुके ब्रांबे आवास को तुरंत खाली कर सभी आश्रय गृह में शिफ्ट हो जाएं। यह आदेश नगर निगम प्रशासक ने जारी किया है।

इस पर ब्रांबे आवास में रहने वाले लोगों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जब से ये आवास जर्जर हुए हैं, तब से वे लोग लगातार मांग कर रहे हैं कि पुरानी बिल्डिंग को गिराकर उसी जगह नया मकान बनाया जाए और सभी परिवार को उसमें शिफ्ट किया जाए। लेकिन नगर निगम, नगर विकास विभाग और सरकार ने अब तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। लोगों ने बताया कि बिल्डिंग की छतें टूट रही हैं। दीवारों में दरारें हैं। कभी भी हादसा हो सकता है। काफी संख्या में गरीब परिवार यहां रहते हैं।

इतनी बारिश में नगर निगम के पास हमें शिफ्ट करने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। सिर्फ आश्रयगृह का सहारा देकर निगम अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता। वहां रह रहे लोगों ने चेतावनी दी कि अगर बिल्डिंग गिरती है या कोई दुर्घटना होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी रांची नगर निगम की होगी। उन्होंने मांग की कि यथाशीघ्र जर्जर आवास को गिराकर उसी जगह नया मकान बनाकर दिया जाए। इस मांग को लेकर सुरेंद्र कुमार राम, अमित राम, बबलू राम, राजकुमार राम, अमर राम, रंजीत राम ने सहयोग की अपील की है।

ब्रांबे आवास की जर्जर हो चुकी दीवार।

रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्‌घाटन जून में गडकरी करेंगे: संजय सेठ

रक्षा राज्यमंत्री ने विधायक सीपी सिंह और कार्यकर्ताओं के साथ मोटरसाइकिल से एलिवेटेड कॉरिडोर का लिया जायजा |

रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण पूरा हो गया है। 10 जून तक इसका उद्घाटन कराने की तैयारी थी, लेकिन अब जून के अंतिम सप्ताह में उद्घाटन होगा। केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से एलिवेटेड कॉरिडोर का उद्घाटन कराया जाएगा। यह जानकारी केन्द्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने गुरुवार को एलिवेटेड कॉरिडोर का निरीक्षण करने के क्रम में दी। उन्होंने विधायक सीपी सिंह के साथ मोटरसाइकिल से एलिवेटेड कॉरिडोर का जायजा लिया।

एनएचएआई के अधिकारियों को बचे हुए सभी कार्यों को अगले तीन सप्ताह में हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नॉइस बैरियर, ग्रिल आैर पौधा रोपण सहित रंग-रोगन का काम जल्द पूरा करें, ताकि उद्घाटन कराया जा सके।

जाम से राहत मिलेगी, 30 मिनट समय भी बचेगा

रातू रोड एलिवेटेड कॉरिडोर का काम 2022 में शुरू हुआ था। इसका काम मार्च 2024 में पूरा हो जाना था, लेकिन प्रोजेक्ट पूरा होने में विलंब हो गया। इसकी लंबाई 3.76 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर के बनने से हरमू रोड, पहाड़ी टोला, इंद्रपुरी, शिवपुरी, पिस्कामोड़, सर्ड और आईटीआई बस स्टैंड, पंडरा, रातू से आने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। रोजाना हजारों लोगों का 30 मिनट का समय बचेगा, क्योंकि जाम से लोगों को राहत मिलेगी।

एनसीएसटी सदस्य ने अधिकारियों की कार्यशैली पर जताई नाराजगी

रांची | राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने सिरमटोली फ्लाईओवर रैंप विवाद में अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। दरअसल, आयोग ने पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव, उपायुक्त आैर रांची नगर निगम के प्रशासक को समन जारी कर गुरुवार को नई दिल्ली में आयोग के कार्यालय में उपस्थित होने को कहा था। लेकिन निर्धारित तिथि पर संबंधित अधिकारी एनसीएसटी कार्यालय नहीं पहुंचे। पथ निर्माण सचिव ने नीति आयोग की बैठक का हवाला देते हुए आने में असमर्थता जताई थी। इस पर आशा लकड़ा ने नाराजगी जताई। कहा कि 3 जून को एनसीएसटी की टीम फ्लाईओवर का निरीक्षण करेगी। अधिकारियों को उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।