हाईकोर्ट को नगर निगम ने टेबुलर चार्ट में नहीं दी नक्शा की रिपोर्ट, अब 14 को होगी सुनवाई

अदालत ने जताई नाराजगी, कहा- जिस चार्ट में नक्शा मांगा है, उसी रूप में दें |

झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को रांची नगर निगम में नक्शा पास करने में हो रही देरी को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान आैर जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ में नगर निगम की ओर से वर्ष 2023 से अब तक जमा हुए भवनों का नक्शा, स्वीकृत नक्शा और पेंडिंग नक्शा की रिपोर्ट जमा की गई। लेकिन यह टेबुलर चार्ट में नहीं था। इस पर अदालत ने नाराजगी प्रकट की। अदालत ने कहा कि कोर्ट ने टेबुलर चार्ट में डेटा मांगा है तो उसी फॉर्मेट में रिपोर्ट दें। अदालत ने अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को निर्धारित करते हुए कहा कि टेबुलर चार्ट में ही रिपोर्ट सौंपे।

मालूम हो कि पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि था कि रांची नगर निगम अपने नक्शा पास करने के कार्यों में पारदर्शिता लाए। इसके लिए सभी जानकारी अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करे, ताकि नक्शा पास करने और आवेदन के बारे में सटीक जानकारी मिल पाए। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कहा गया था कि अगर रांची नगर निगम की ओर से निर्धारित समय में नक्शा पास नहीं किया जाता है तो उसे डीम्ड स्वीकृति मानी जाए।

नियमानुसार एक माह में नक्शा पास किया जाना है। क्योंकि, सबकुछ सही होने पर उसे स्वत: स्वीकृत मानने का प्रावधान है। लेकिन नगर निगम में नक्शा पास कराने में लोगों को पसीने छूट जाते हैं। पारदर्शिता नहीं है। इस पर अदालत ने वर्ष 2023 ये अब तक जमा हुए नक्शा के आवेदन, स्वीकृत नक्शा आैर पेंडिंग नक्शा की डिटेल टेबुलर चार्ट में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

Reference : https://www.bhaskar.com/local/jharkhand/ranchi/news/the-municipal-corporation-did-not-give-the-map-report-in-tabular-chart-to-the-high-court-now-the-hearing-will-be-held-on-14th-135938246.html

निगम हटा रहा अतिक्रमण, बिजली विभाग बांट रहा कनेक्शन, सवाल- कैसे हटेगा सड़क किनारे से कब्जा |

पार्किंग में दुकान लगाने के लिए बिकती है जगह। हरेक माह देनी होती है तय रकम।

राजधानी रांची में अतिक्रमण हटाने के नाम पर इन दिनों राजनीति गरमाई हुई है। मंगलवार को दिशा की बैठक में रांची के विधायक सीपी सिंह ने निगम प्रशासक और रांची एसएसपी पर चेहरा देखकर अतिक्रमण हटाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने यहां तक बोल दिया कि पुलिस पैसे लेकर अतिक्रमण कराती है। दैनिक भास्कर ने बुधवार को उन क्षेत्रों में किए गए अतिक्रमण की पड़ताल की जहां निगम की टीम कई बार अतिक्रमण हटा चुकी है, उन स्थानों पर चौंकाने वाली बात सामने आई। जिन अतिक्रमणकारियों को छोड़ दिया गया है उनकी दुकानों में बिजली का स्मार्ट मीटर और कनेक्शन लगे हुए हैं।

मजेदार बात है कि कहीं स्कूल की दीवार तो कहीं कॉलेज की दीवार पर मीटर लगाकर कनेक्शन लिया गया है। कनेक्शन देखकर निगम भी दुकानों को हटाने में पीछे हट जा रहा है। हालांकि, मेन रोड, डेली मार्केट थाना के सामने पूर्व की तरह की दुकानें सजी रहीं। कुछ दुकानदारों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि दुकान लगाने के लिए भी जगह बिकती है। इसके लिए हरेक माह तय रकम खर्च करनी पड़ती है। पुलिस और निगम के कर्मचारी ही पैसे लेते हैं।

इन दुकानों पर निगमकर्मी रहे मेहरबान

दीनबंधु लेन… पा​र्किंग एरिया में लग रहीं 14 दुकानें, ​सभी में लगा है स्मार्ट मीटर

पुरुलिया रोड में संत अन्ना स्कूल के आगे भी सड़क किनारे एक गुमटी मिली। गुमटी तो बंद थी, लेकिन उसके पीछे की दीवार पर बिजली का मीटर साफ दिख रहा था। मीटर से ही गुमटी में कनेक्शन लिया गया है। निगम की टीम पिछले सप्ताह ही पुरुलिया रोड से अतिक्रमण हटाई थी। लेकिन गुमटी को छूआ तक नहीं। क्योंकि, यहां मीटर लगा था। इसके अलावा बरियातू रोड में भी फास्ट फूड के वैन में बिजली मीटर लगा है, इसलिए उसे भी नहीं हटाया जा रहा है। यह आश्चर्यजनक है कि स्थाई नहीं होते हुए भी वैन में सरकारी बिजली मीटर लगे हैं।

ओल्ड एचबी रोड… तीन बार हटा अतिक्रमण पर गुमटी आज भी जस की तस लगी है

ओल्ड एचबी रोड स्थित लालपुर थाना से चंद दूरी पर स्थित इनकम टैक्स कॉलोनी के पास लंबे समय से एक गुमटी लगी हुई है। इस गुमटी में भी बिजली का कनेक्शन लगा हुआ है। और तो और दुकानदार ने भी स्मार्ट मीटर को पास के ही दीवार पर लगा रखा है। इस क्षेत्र में नगर निगम की टीम ने तीन बार अतिक्रमण हटाया, लेकिन यह गुमटी जैसे लगी थी अब भी वैसी ही लगी है। पूछने पर आसपास के लोगों ने कहा कि निगम की टीम चेहरा देखकर काम करती है। छोटे दुकानदारों का सामान जब्त कर लिया जाता है। दूसरी ओर बिजली मीटर लेने वालों को छोड़ दिया जाता है।

पुरुलिया रोड… सड़क किनारे दुकान के पीछे की दीवार पर मीटर, वहीं से लिया कनेक्शन

अपर बाजार का सबसे व्यस्त क्षेत्र रंगरेज गली के बीच से दीनबंधु लेन में पार्किंग के लिए चिह्नित जगह पर 14 दुकानें लग रही हैं। छोटे-छोटे कियोस्क में दुकान बनाकर कपड़े व अन्य सामग्री बेची जा रही हैं। यहां के हरेक दुकानों में बिजली का कनेक्शन और स्मार्ट मीटर है। पूछने पर दुकानदार कहते हैं कि हमलोगों को वेंडर लाइसेंस दिया गया था। इसी के आधार पर दुकान लगा रहे हैं। बिजली विभाग में कॉमर्शियल कनेक्शन लेने के लिए कुछ अधिक खर्च करना पड़ा। आधार कार्ड, पैन कार्ड देने पर कनेक्शन मिल गया। मीटर लगाने के लिए कोई जगह नहीं है, इसलिए स्कूल की बाउंड्री में ही मीटर है।

विद्युत विभाग का तर्क… जेएसईआरसी रूल्स के तहत अस्थाई कनेक्शन दिया जाता है

जेबीवीएनएल के रांची अधीक्षण अभियंता डीएन साहू ने बताया कि दुकानों को बिजली कनेक्शन देना कॉमर्शियल कनेक्शन की श्रेणी में आता है। जिसके तहत 6200 रुपए सिक्यूरिटी मनी ली जाती है। हम वितरण कंपनी है। अगर कोई जरूरी कागजात देता है तो हम उसे बिजली से वंचित नहीं कर सकते हैं। झारखंड विद्युत नियामक आयोग के रूल्स के तहत अस्थाई कनेक्शन देने का प्रावधान है। इसके तहत डेढ़ गुणा सिक्युरिटी मनी लेकर कनेक्शन दिया जाता है। अस्थाई दुकानदारों व जगन्नाथपुर एरिया में विस्थापितों को इस तरह के कई कनेक्शन दिए गए हैं। वैसे भी अगर वे स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए हुए हैं तो जीरो बैलेंस से ही री​डिंग शुरू होता है।

Reference : https://www.bhaskar.com/local/jharkhand/ranchi/news/the-corporation-is-removing-encroachment-the-electricity-department-is-distributing-connections-the-question-is-how-will-the-encroachment-be-removed-from-the-roadside-135834341.html

पड़ोसी का घर तुड़वाने गए थे, हाईकोर्ट ने उसके घर की ही जांच का दे दिया आदेश |

कोर्ट ने कहा- जांचें कि नक्शा पास है या नहीं, मापी भी कराएं

पड़ोसी के घर को अवैध बताकर उसे तुड़वाने का आग्रह करना हिंदपीढ़ी के सचिन टोप्पो को महंगा पड़ा। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के घर की ही जांच कराने का निर्देश ​दे दिया। इस याचिका पर शनिवार को जस्टिस राजेश कुमार की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि घर किसी भी व्यक्ति की जरूरत और सपना होता है।

लोग कड़ी मेहनत करके कुछ पैसे जमा करते हैं। फिर ​छोटा सा घर बनाते हैं। ऐसे में किसी का उनके घर को तुड़वाने का आग्रह करने के ​पीछे का कारण जानना जरूरी है। आखिर कोई क्यों किसी का घर तुड़वाने का आग्रह कर रहा है। कोर्ट ने रांची नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि पहले शिकायतकर्ता के घर की ही जांच करें। देखें कि उनका घर सही तरीके से बना है या नहीं। उनके घर का नक्शा पास है या नहीं। शिकायतकर्ता के घर की मापी भी कराएं। फिर विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। इस मामले की अगली सुनवाई अब छह अगस्त को होगी।

गौरतलब है कि सचिन टोप्पो के घर के बगल में एक घर का निर्माण हो रहा है। इसके खिलाफ टोप्पो ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल ​की है। इसमें कहा है कि पड़ोसी अवैध तरीके से घर का निर्माण कर रहा है। इस निर्माण पर रोक लगाई जाए और इसे तोड़ा जाए। ​नगर निगम में अवैध निर्माण का केस भी दर्ज किया जाना चाहिए, ताकि अवैध तरीके से घर बनाने वालों में कानून का डर हो। लेकिन शिकायतकर्ता की यह दलील ही उल्टी पड़ गई।

Reference : https://www.bhaskar.com/local/jharkhand/ranchi/news/they-had-gone-to-demolish-their-neighbours-house-the-high-court-ordered-an-investigation-of-his-house-itself-135589237.html

हरमू, अरगोड़ा व बरियातू में आवासीय प्लॉट पर व्यापार करनेवालों का रद्द होगा आवंटन

420 आवंटियों की सूची तैयार, बोर्ड देगा अंतिम नोटिस, 7 दिनों में रखना होगा पक्ष |

रांची में झारखंड राज्य आवास बोर्ड की कॉलोनियों में मकान बनाने के लिए जमीन लेकर व्यवसायिक इस्तेमाल करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी चल रही है। हरमू, अरगोड़ा और बरियातू हाउसिंग कॉलोनी में ऐसे आवंटियों को चिह्नित किया गया है, जिनके घरों का व्यवसायिक इस्तेमाल हो रहा है।

कहीं दुकानें खुल गई हैं तो कहीं शो-रूम तो कहीं विभिन्न कार्यालय। अब ऐसे आवंटियों का आवंटन रद्द होगा। आवास बोर्ड ने तीनों कॉलोनियों में 420 प्लॉट की सूची तैयार की है, जिनका आवंटन आवासीय उद्देश्य से किया गया था। पूर्व में बोर्ड द्वारा आवंटियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया था, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। अब बोर्ड द्वारा सभी 420 आवंटियों को अंतिम नोटिस दी जाएगी। उनको एक सप्ताह में पक्ष रखने के लिए कहा जाएगा। पक्ष नहीं रखने पर एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए सभी का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा। ऐसा हुआ तो कॉलोनियों में हड़कंप मच जाएगा। क्योंकि, अधिकतर भवनों में व्यवसायिक गतिविधियां चल रही हैं। सभी को घर खाली कराना पड़ेगा, नहीं तो जमीन का आवंटन रद्द होगा।

नियम तोड़ने वालों का आवंटन होगा रद्द

कई बड़ी कंपनियों के कार्यालय भी चल रहे, अधिकतर लोगों ने बोर्ड से नहीं ली अनुमति

रोड के दोनों ओर दुकान और व्यवसायिक कार्यालय हैं।

आवासीय जमीन का व्यवसायिक इस्तेमाल करने वालों की सूची में कई बड़ी हस्तियां शामिल हैं। कई दलों के कार्यालय भी चल रहे हैं। कई बड़ी कंपनियों के ऑफिस भी संचालित हो रहे। इसके लिए बोर्ड से स्वीकृति भी नहीं ली गई है। कई अधिकारियों को आवंटित प्लॉट पर भी बोर्ड की नजर है।

बोर्ड कार्रवाई करता है तो ट्रिब्यूनल और कोर्ट से मिल सकती है राहत: आवास बोर्ड आवंटन रद्द करने की कार्रवाई करता है तो आवंटियों के पास आवास बोर्ड ट्रिब्यूनल और विभिन्न न्यायालयों में जाने का मौका है। लेकिन यहां मामला जाने पर लंबे समय तक सुनवाई होती है। ऐसे में आवंटन रद्द होने में लंबा समय लग सकता है।

घर में खोल दिया होटल, शो रूम और कोचिंग, बोर्ड को नहीं दी सूचना

हरमू, अरगोड़ा और बरियातू हाउसिंग कॉलोनी में अधिकतर घरों का व्यवसायिक इस्तेमाल हो रहा है। कई घरों को इस तरह बनाया गया है कि उसका इस्तेमाल होटल के रूप में भी किया जा सके। हरमू हाउसिंग कॉलोनी में ऐसे 15 प्लॉट चिह्नित किए गए हैं, जो आवासीय प्रकृति की हैं। लेकिन उक्त प्लॉट पर होटल- रेस्टोरेंट बना लिया गया है। 205 से अधिक प्लॉट ऐसे हैं, जिन पर विभिन्न कंपनियों के शो-रूम, दुकान या गोदाम चल रहे हैं। करीब 200 प्लॉट ऐसे हैं, जिन पर छोटा-मोटा कारोबार, स्कूल- कोचिंग संस्थान, विभिन्न निजी कंपनियों के कार्यालय सहित अन्य गतिविधियां चल रही हैं। लोगों ने बोर्ड को इसकी सूचना भी नहीं दी।

Reference : https://www.bhaskar.com/local/jharkhand/ranchi/news/allotment-of-businessmen-on-residential-plots-in-harmu-argora-and-bariatu-will-be-cancelled-135589205.html

राज्य में भवन नियमितीकरण योजना को शीघ्र प्रभावी बनाया जाए : चैंबर

नगर विकास मंत्री से मिला चैंबर, कहा योजना राज्यहित के लिए जरूरी |

सिटी रिपोर्टर | रांची

झारखंड में भवन नियमितीकरण योजना को शीघ्र प्रभावी बनाने की मांग को लेकर गुरुवार को झारखंड चैंबर द्वारा गठित स्पेशल कमेटी के चेयरमैन और निवर्तमान अध्यक्ष किशोर मंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि भवन नियमितीकरण योजना को शीघ्र अंतिम रूप देकर लागू किया जाए, ताकि राज्यभर में लोगों को राहत मिल सके।

मंत्री ने अवगत कराया कि योजना पर कार्य प्रगति पर है और आगामी दो माह के भीतर ड्राफ्ट कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि ड्राफ्ट कॉपी साझा की जाए, ताकि आवश्यक सुझाव या संशोधन समय रहते शामिल किए जा सकें।

मास्टर प्लान में संशोधन के संदर्भ में मंत्री ने अवगत कराया कि आवश्यकतानुसार उचित परिवर्तन किए जाएंगे, हालांकि संपूर्ण बदलाव संभव नहीं है। चैंबर के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य पुनीत पोद्दार ने कहा कि झारखंड में बिल्डिंग रेगुलराइजेशन बिल समय की मांग है और इसका शीघ्र क्रियान्वयन राज्यहित में होगा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के 24 जिलों के व्यापारियों, शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सदस्यों की सहभागिता के साथ एक वृहद बैठक आयोजित करने का भी आग्रह किया, जिसपर मंत्री ने ड्राफ्ट प्रारूप तैयार होने के बाद बैठक के लिए आश्वस्त किया।

Reference : https://www.bhaskar.com/local/jharkhand/ranchi/news/building-regularization-scheme-should-be-made-effective-in-the-state-soon-chamber-135575978.html

साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल 80% तैयार, 45 मिनट में पहुंचेंगे कटिहार

19,540 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही है यह परियोजना

झारखंड के संथाल परगना को बिहार से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित साहिबगंज-मनिहारी गंगा पुल परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस छह किलोमीटर लंबे पुल का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा बनाए जा रहे इस ब्रिज के दिसंबर 2026 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।

इसके शुरू होने के बाद साहिबगंज से कटिहार की दूरी 2.30 घंटे से घटकर महज 45 मिनट रह जाएगी। ब्रिज की कुल लंबाई छह किलोमीटर है, लेकिन रैंप और अंडरपास सड़कों को मिलाकर इसकी कुल दूरी 21 किलोमीटर होगी। यह परियोजना 19,540 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही है। इसके अलावा पलमा-गुमला फोर लेन रोड का कार्य पूरा हो चुका है, जिससे रायपुर और झारखंड के बीच सीधा संपर्क बन जाएगा।

देवघर में रिंग रोड से जाम से छुटकारा

देवघर सिटी बाईपास सह सिटी रिंग रोड का कार्य दिसंबर 25 से शुरू होगा। 1,565 करोड़ रु. से इस परियोजना से श्रद्धालुओं को जाम से राहत मिलेगी। रिंग रोड से शहर में घुसे बिना बाबा नगरी तक पहुंचना आसान हो जाएगा। पलमा-गुमला फोर लेन सड़क का कार्य भी पूरा हो चुका है, जिससे रायपुर होते हुए झारखंड की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।

कोलकाता-बनारस ग्रीन फील्ड कॉरिडोर

एनएचएआई अक्टूबर से कोलकाता-वाराणसी ग्रीन फील्ड कॉरिडोर की निर्माण प्रक्रिया शुरू करेगा। यह छह लेन का हाईवे झारखंड में बोकारो, रामगढ़ व हजारीबाग से होते हुए गुजरेगा। राज्य में इसकी कुल लंबाई 202 किमी होगी और लागत 9,227 करोड़ है। छत्तीसगढ़ बॉर्डर-गुमला फोर लेन रोड परियोजना का काम भी अक्टूबर से शुरू होगा।

दूसरे राज्यों के लिए रोड कनेक्टिविटी बढ़ेगी

बंगाल-ओडिशा से जुड़ावझारखंड की दो और परियोजनाओं की डिटेल डीपीआर तैयार हो रही है। चांडिल-घेरालिंग अंडरपास जो पश्चिम बंगाल से झारखंड को जोड़ेगा। राउरकेला/संबलपुर-रांची फोर लेन जो ओडिशा के रास्ते सिमडेगा से जुड़ेगा।

Reference : https://www.bhaskar.com/local/jharkhand/ranchi/news/sahibganj-manihari-ganga-bridge-is-80-ready-will-reach-katihar-in-45-minutes-135552645.html

लोगों में होड़… पुरानी कीमत पर 268 जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री

रांची सहित राज्यभर के शहरी क्षेत्र में जमीन-फ्लैट की सरकारी दर में एक अगस्त से बढ़ोतरी हो जाएगी। वर्तमान कीमत में करीब 12 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए क्रेता को अधिक पैसे खर्च करने होंगे। इससे बचने के लिए निबंधन कार्यालयों में जमीन-फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। चार निबंधन कार्यालयों में कुल 370 डीड सबमिट किए गए लेकिन रात 10 बजे तक मात्र 268 डीड की ही रजिस्ट्री हो पाई।

रांची मुख्य निबंधन कार्यालय में 184 डीड सबमिट हुए थे इसमें से 106, रांची ग्रामीण में 104, अर्बन 3 में 55 आैर अर्बन 2 में 32 डीड की रजिस्ट्री हुई। दोपहर से शाम तक अचानक लोड बढ़ने से सर्वर स्लो हो गया। इस वजह से क्रेता-विक्रेता को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शाम के बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया तेज हुई फिर भी सभी डीड की रजिस्ट्री नहीं हो पाई। जिन लोगों के डीड की रजिस्ट्री नहीं हुई उनके पास अब दो दिन बचे हैं। गुरुवार तक पुरानी दर पर रजिस्ट्री होगी।

Reference : https://www.bhaskar.com/local/jharkhand/ranchi/news/competition-among-people-registry-of-268-land-flats-at-old-price-135560990.html

रांची- जमशेदपुर फोर लेन में 1152 गड्ढे:हर दूसरे दिन हादसा, NHAI रोज वसूल रहा 31 लाख टोल टैक्स, रोजाना गुजरते हैं 24 हजार गाड़ियां

रांची से ओडिशा- कोलकाता को जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी एनएच-33 रांची- जमशेदपुर फोर लेन महज चार साल में ही दम तोड़ने लगी है। रांची के रामपुर से चांडिल टोल चेक नाका तक करीब 98 किमी. लंबी इस सड़क की पड़ताल में रामपुर से चांडिल तक कुल 514 गड्ढे हैं, वहीं चांडिल से रामपुर आते समय 638 गड्ढे दिखे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, 15 जून तक सड़क पर कुछ छोटे-छोटे गड्ढों को छोड़कर सड़क ठीक थीं। मगर 16 जून के बाद हुई लगातार बारिश ने सड़कों को खराब एवं जर्जर कर दिया। कम से कम 10 से 15 गड्ढे ऐसे हैं जो जानलेवा हैं। लोगों ने कहा कि सड़क अच्छी नहीं है तो टोल क्यों दें, इसे हटाओ।

हर महीने औसतन हो रही हैं 10 से 15 दुर्घटनाएं

सड़क खराब रहने के कारण केवल एक महीने में बुंडू, तमाड़ एवं चांडिल थाने से मिली जानकारी के अनुसार 22 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें पांच लोगों की जान भी गई है। यानी सुविधा के लिए बनी सड़क जानलेवा हो गई है।

सबसे खतरनाक स्थिति इन स्थानों पर है

चांडिल चौक और चांडिल चेक नाका के पास, जहां पर सड़क इतनी जर्जर हो चुकी है कि केवल गड्ढे ही नजर आते हैं। सिदरौल के पास सड़क जर्जर हो चुकी है।

दामी के पास सड़क पर एक ही जगह कई गड्ढे हैं। सबसे खतरनाक तैमारा घाटी, जहां पर आए दिन हादसे होते रहते हैं, वहां सड़क पूरी तरह से खराब है। रामपुर रिंग रोड के पास चौक के चारों ओर रोड जर्जर हो चुका है।

रोज 24 हजार वाहन आते-जाते हैं

इस सड़क पर दो टोल चेक नाका हैं। एक बुंडू और दूसरा चांडिल के पास। इन चेक नाका से हर दिन (24 घंटे) में 24 हजार से अधिक वाहन आते-जाते हैं। इस दौरान करीब 31 लाख रुपए हर दिन वाहन मालिकों से वसूले जाते हैं। इसके बाद भी लोगों को हर दिन जानलेवा गड्ढों के बीच से सफर करना पड़ता है।

एनएचएआई का क्या है कहना

एनएचएआई की ओर से आनंद सिंह ने कहा कि विगत एक महीने से जारी बारिश के कारण सड़कें इतनी खराब हो गईं। फिलहाल गड्ढों की चिपिंग करके भरा जाएगा। अक्टूबर में मिलिंग कर सड़कों की पूर्ण रूप से मरम्मत कराई जाएगी।

Reference : https://www.bhaskar.com

रांची में आकार लेंगे 5 और फ्लाईओवर…:सुगम होगा यातायात : हरमू रोड फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार, जनवरी से शुरू होगा काम, चार अन्य का भी बन रहा नक्शा

कांटाटोली, सिरम टोली और रातू रोड के बाद रांची में 5 और फ्लाईओवर निर्माण की दिशा में काम तेज हो गया है। रांची को जाम से मुक्ति के लिए सरकार का फोकस फ्लाईओवर पर है। हरमू रोड फ्लाईओवर की डीपीआर तैयार हो गई है। इसकी निविदा की प्रक्रिया चल रही है। इसी महीने के अंत तक या अगस्त में इसकी निविदा निकाल दी जाएगी।

नए वर्ष 2026 में इसका काम शुरू हो सकता है। इसके अतिरिक्त चार अन्य फ्लाईओवर का डीपीआर भी तैयार करने का निर्देश दिया गया है। जिस पर काम शुरू हो चुका है। संभवत तीन महीने में डीपीआर तैयार हो जाएगा। इसके बाद इसकी स्वीकृति कैबिनेट से ली जाएगी। अच्छी उम्मीद यह है कि ये पांचों नए फ्लाईओवर बन जाने के बाद राजधानी रांची नए रूप में नजर आएगी।

हरमू रोड फ्लाईओवर की निविदा जल्द

पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने कहा- हरमू रोड फ्लाईओवर निविदा की प्रकिया में है। चार अन्य फ्लाईओवर का डीपीआर बनाने का काम भी शुरू हो चुका है। डीपीआर फाइनल होते ही इसे सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगाा। मंजूरी मिलते ही आगे की कार्यवाही होगी।

1. हरमू रोड से जज कॉलोनी फ्लाईओवर

यह फ्लाईओवर कार्तिक उरांव चौक से एलपीएन शाहदेव चौक तक कुल 3 किमी लंबा होगा। एक ओर कार्तिक उरांव चौक से शुरू होगा और गौशाला तक जाएगा। सहजानंद चौक से रातू रोड जाने वाले इस फ्लाईओवर का उपयोग कर गौशाला के पास रैंप से उतर कर नीचे की सड़क से जा सकेंगे। दोनों ओर फ्लाईओवर की चौड़ाई 8.5-8.5 मीटर होगी।

फायदा : रातू रोड चौक, गाड़ीखाना चौक, शनि मंदिर चौक, पुरानी रांची चौक पर होने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। इस इलाके में लगभग 1.25 लाख लोग रहते हैं और मुख्य बाजार होने के कारण बाहर से भी लोग यहां खरीददारी करने आते हैं। हरमू रोड के दोनों ओर घनी आबादी वाले क्षेत्र हैं। हर दिन हजारों लोगों को रोड क्रॉस करके एक से दूसरी आना-जाना पड़ता है, इसके कारण ये चौक जाम रहते हैं।

2. करमटोली से साइंस सिटी फ्लाईओवर

करमटोली चौक से मोरहाबादी होते हुए साइंस सिटी तक 2.2 किमी. लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। जिसके ऊपर और नीचे दोनों में सड़क की चौड़ाई 10-10 मीटर होगी। साइंस सिटी से आगे रिंग रोड तक फोर लेन सड़क बनेगी। जिसकी लंबाई पांच किलोमीटर से अधिक है। रामगढ़ की ओर जाने वाला ट्रैफिक लोड बंटेगा, आवागमन में सुविधा होगी।

फायदा : करम टोली से मोहराबादी, बोड़ेया होते हुए वाहन आसानी से रिंग रोड तक जा सकेंगे। हजारीबाग एवं पटना जाने वाले वाहन अगर रातू रोड एरिया से आते हैं तो वे सीधे इस फ्लाईओवर में चढ़कर रिंग रोड होते हुए हजारीबाग- पटना रोड में जा सकते हैं। इतना ही नहीं हजारीबाग -पटना रोड से आने वाले वाहन रिंग रोड से फोर लेन सड़क होते हुए फ्लाईओवर चढ़ कर करमटोली में उतर कर शहर में जा सकते हैं।

3. अरगोड़ा-चापूटोली फ्लाईओवर

अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ होते हुए चापूटोली तक 1.75 किमी. लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसकी चौड़ाई 10 मीटर रखी जाएगी। पहले से नीचे जा रही सड़क को भी सात मीटर चौड़ा किया जाएगा। इससे इस मार्ग पर दोहरी सुविधा मिलेगी। सड़क के दोनों ओर ड्रेनेज यूटिलिटी डक्ट रहेगा। नीचे की सड़क का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

फायदा : नए अरगोड़ा चौक से पुराने अरगोड़ा चौक, चापू टोली तक इस सड़क पर भारी लोड है। इसके कारण पुराना अरगोड़ा चौक से लेकर चापू टोली तक हमेशा जाम लगता है। इससे मुक्ति मिलेगी। इसके अतिरिक्त अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़, दलादली होते हुए रिंग रोड तक भारी एवं अन्य वाहन आसानी से आ-जा सकेंगे।

4. हिनू से जगन्नाथपुर तक फ्लाईओवर

हिनू ढलान पर नदी के बगल में होटल एमेराल्ड के पास गोलंबर तैयार किए जाने का प्रस्ताव है। उसी गोलंबर से नदी के किनारे-किनारे मेकॉन रोज गार्डन के बगल से डीपीएस के पीछे होते हुए जगन्नाथपुर मंदिर तक दोनों ओर वन वे सिंगल फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके लिए पेट्रोल पंप के पास रेलवे लाइन पर आरओबी (रेल ओवरब्रिज) भी बनाया जाएगा।

फायदा : एयरपोर्ट, हिनू, डोरंडा, मेकॉन से आने वाले वाहन सीधे डीपीएस होते हुए जगन्नाथ मंदिर, नया विधानसभा, हाईकोर्ट होते हुए नयासराय में उतर कर सीधे रिंग रोड पर चढ़ सकते हैं। रिंग रोड की तरफ से आने वाले वाहन नयासराय, डीपीएस होते हुए सीधे एयरपोर्ट और हिनू क्षेत्र में जा सकेंगे। अगर किसी को डोरंडा, ​िह​नू क्षेत्र से विधानसभा, हाईकोर्ट जाना है तो वह जाम में फंसे बिना आसानी से पहुंच सकते हैं।

5. हरमू मुक्तिधाम से कडरू फ्लाईओवर

कडरू और अशोक नगर को ट्रैफिक दबाव से मुक्त करने के लिए हरमू मुक्तिधाम से हरमू नदी के दोनों किनारों पर 2.2 किमी का एलिवेटेड अप-डाउन वन वे फ्लाईओवर बनेगा। नदी के किनारे पर पौधे लगाए जाएंगे, सौंदर्यीकरण होगा और रोशनी की व्यवस्था भी रहेगी। इसमें जमीन का बहुत कम अधिग्रहण करना पड़ेगा।

फायदा : हरमू रोड से आने-जाने वाले वाहन जिन्हें मेन रोड, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जाना है, वे हरमू मुक्ति धाम के पास से निर्मित होने वाले सिंगल फ्लाईओवर में चढ़कर आसानी से जा सकते हैं। यह फ्लाईओवर राजभवन की ओर से आने वाले फ्लाईओवर से भी कनेक्ट रहेगा। अभी हरमू रोड एवं रातू रोड से स्टेशन, सरकारी बस स्टैंड जाने वाले लोगों को सहजानंद चौक, कडरू होते हुए जाना पड़ता है।

Reference : https://www.bhaskar.com

रांची स्मार्ट सिटी के मॉडल को सराहा, तैयार होगा ब्लू प्रिंट

स्मार्ट सिटी मिशन के दस साल पूरे हुए |

स्मार्ट सिटी मिशन के दस वर्ष पूरे होने पर बुधवार को मिशन की दसवीं वर्षगांठ मनाई गई। इस मौके पर भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव तथा स्मार्ट सिटी मिशन की निदेशक रूपा मिश्रा ने सभी स्मार्ट शहरों के सीईओ और पदाधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात की।

दस वर्ष पूरे होने पर उन्होंने बधाई दी और कहा कि मिशन ने देश के शहरीकरण में एक सकारात्मक बदलाव लाया और गति भी लाई है। हमारी कोशिश होनी चाहिए कि ये गति आगे भी बरकरार रहे। उन्होंने कहा कि सभी 100 शहरों के विकास के लिए गठित एसपीवी आगे भी कार्य करेंगे और कोशिश होगी ​िक शहरीकरण की योजनाओं में आपकी विशेषज्ञता की मदद ली जाए।

रांची स्मार्ट सिटी की ओर से भी यहां हो रहे कार्यों की जानकारी केंद्र सरकार को दी गई। रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन के महाप्रबंधक तकनीकी राकेश कुमार नंदक्योलियार ने बताया कि हम एक ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहे हैं। जिससे रांची शहर को एक नई दिशा मिली है। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे ग्रीनफील्ड डेवलपमेंट की योजना पर सरकार कार्य कर रही है।

स्मार्ट सिटी मिशन, भारत सरकार की निदेशक ने इस प्रोजेक्ट की सराहना करते हुए कहा कि देश के दूसरे शहरों में भी ऐसी परियोजना विकसित की जानी चाहिए। इसके लिए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय अंतर्गत स्मार्ट सिटी मिशन एक ब्लू प्रिंट बनाएगा, जो रांची स्मार्ट सिटी की तर्ज पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि इस मॉडल से न केवल एक शहर का सुनियोजित विकास होगा, बल्कि वहां के नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं भी मिलेंगी। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लैंड मॉनेटाइजेशन से संस्था खुद को स्वावलंबी भी बनाएगी।